Sunday, September 20, 2009

इसलिए सूरत में 50,000 बच्चे काम पर जाते है

सूरत: शहर में जो 262 प्राइमरी स्कूल हैं, उनमें महापालिका के स्कूलों की संख्या दो है। दूसरे हैरतअंगेज आंकड़ें के मुताबिक, महापालिका के सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या है चार। 112।27 वर्ग किलोमीटर में फैले सूरत की 29 लाख आबादी में से 6 लाख गरीब हैं। एक तो प्राइमरी स्कूलों और गरीबों के बच्चों के बीच का फासला बेहद ज्यादा है, ऐसे में जो थोड़े से बच्चे किसी तरह स्कूल जाते हैं, उनमें से भी 10 प्रतिशत बच्चे सेकेण्डरी स्कूलों तक नहीं पहुंच पाते। सवाल है कि जो बच्चे स्कूल नहीं जाते वो क्या करेंगे ? जवाब मिलता है- आज नहीं तो कल काम पर ही जाएंगे। आगे पढ़ें.......

No comments:

Post a Comment