अजित सिंह ने फिर बीजेपी और एनडीए का दामन थामा है। 7 सीटों के लिये ही सही मगर अजित सिंह को लगता है यहीं मेक OR ब्रेक मौका है। कैलकुलेशन किया, 4 सीटें भी जीते तो दो मिनिस्टर बर्थ तो पक्की। एक अपनी एक अनु की। कमोबेश यही हाल ओम प्रकाश चौटाला, ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, जयललिता, समाजवादी पार्टी का है। कभी कहीं तो कभी कहीं। कभी एनडीके के साथ तो कभी यूपीए के साथ। जब यूपीए के साथ हैं तो एनडीए साम्प्रदायिक लगता है, जब एनडीए के साथ तो गैर-कांग्रेसवाद फेविकोल का काम करता है। यानि चित्त हम जीते, पट तुम हारे। आगे मीडिया ख़बर.कॉम पर पढ़ें।
http://www.mediakhabar.com/topicdetails.aspx?mid=30&tid=767
No comments:
Post a Comment