Wednesday, February 18, 2009

एक खौफ़नाक मंज़र में मीडिया

मीडिया, खबरों के चयन और उनके प्रसारण-प्रकाशन के लिए किन मानकों का उपयोग करता है, यह फिलहाल तय नहीं हैं। मुंबई पर हमले के बाद मीडिया की भूमिका की सराहना ही हुई है। ऐसा करने वालों में नारायणमूर्ति जैसे उद्योगपति और गैर राजनीतिक व्‍यक्ति भी थे। लोग रात भर जागते हुए इस घटना को टेलीविजन पर देखते रहे। यह स्‍वाभाविक ही था कि इस घटना की नई सूचनाओं और दृश्‍यों को जानने-देखने के लिए रिमोट पर उंगलिया चलती रहीं। पुरा लेख मीडिया ख़बर.कॉम पर।

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