किशोर मालवीय (वीओआई के ग्रुप एडिटर) का एक आवेदन सूचना मंत्रालय के लिये लिये छपा है जिसमे श्री मालवीय जी ने स्वर्गीय अशोक उपाध्याय के परिजनों की सहायता की वकालत की है। वाह किशोर जी, आज समझ मे आया कि कोई व्यक्ति ग्रुप एडिटर कैसे बनता है, जी हाँ किशोर जी आपके जैसे घरियाली आँसू बहाने की कला कम से कम मुझमे तो नही है. वरना आप वीओआई के दफ़्तर मे जाने के पहले उन जिन्दा पत्रकारों/ कर्मचारियों की चिंता मे भी भीख जरूर मांगते जिन्होंने आपके हीं कार्यकाल मे कर्ज लेकर वीओआई को महीनों जिन्दा रखा और आज अपनी जिन्दगी जीने के लिये ज़द्दोज़हद कर रहे हैं. आगे पढ़ें..Search This Blog
Sunday, January 17, 2010
किशोर मालवीय जी आप एक मशीन बन कर रह गये हैं
किशोर मालवीय (वीओआई के ग्रुप एडिटर) का एक आवेदन सूचना मंत्रालय के लिये लिये छपा है जिसमे श्री मालवीय जी ने स्वर्गीय अशोक उपाध्याय के परिजनों की सहायता की वकालत की है। वाह किशोर जी, आज समझ मे आया कि कोई व्यक्ति ग्रुप एडिटर कैसे बनता है, जी हाँ किशोर जी आपके जैसे घरियाली आँसू बहाने की कला कम से कम मुझमे तो नही है. वरना आप वीओआई के दफ़्तर मे जाने के पहले उन जिन्दा पत्रकारों/ कर्मचारियों की चिंता मे भी भीख जरूर मांगते जिन्होंने आपके हीं कार्यकाल मे कर्ज लेकर वीओआई को महीनों जिन्दा रखा और आज अपनी जिन्दगी जीने के लिये ज़द्दोज़हद कर रहे हैं. आगे पढ़ें..
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